देश में गजब का ड्रामा चल रहा है.
पूरे देश ने देखा कि किस तरह से NEET का पेपरलीक हुआ. कैसे पेपर माफियाओं ने दिल्ली से लेकर राजस्थान तक, केरल से लेकर गुजरात तक पेपर लाखों रूपये में बेचा. इसमें कई BJP नेताओं से तार जुड़े हुए मिले. NTA ने स्वीकार भी किया कि पेपरलीक हुआ
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मगर अब NTA पलट गया. NTA ने संसद की समिति के सामने कहा कि कि ‘NEET का पेपर लीक नहीं हुआ’
इसके पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा था कि पेपरलीक नहीं हुआ था
लेकिन सच यह है कि जिस guess पेपर का नाम लिया जा रहा है – उसमें अधिकांश सवाल वही थे जो exam पेपर में आए – ठीक उसी ऑर्डर, उसी भाषा, punctuation mark भी हुबहू
धर्मेंद्र प्रधान को पद पर बने रहने का क्या हक है? खासतौर से तब जब पेपर लीक के बाद बजाय माफ़ी मांगने के संसदीय समिति के सामने धड़ल्ले से झूठ बोला जा रहा हो!
- Supriya Srinate




