भारतीय लोकतंत्र का आधार निष्पक्ष चुनाव है। डॉ अंबेडकर ने 15 जून 1949 को संविधान सभा में कहा था कि — “Franchise is a most fundamental things in a democracy. No person who is entitled to be brought into the electoral rolls….should be excluded merely as a result of prejudice….”
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परन्तु अब सत्ताधारी दल कुर्सी पर बने रहने के लिए अनैतिकता की हद तक जाने को तैयार है। बड़े पैमाने पर चुनाव में गड़बड़ियाँ सामने आ रही हैं।
Special Intensive Revision (SIR) के नाम पर खुले आम विरोधी पक्ष के वोटों को काटा जा रहा है। जो जीवित हैं उन्हें मृत बना दिया गया।
केंद्रीय चुनाव आयोग की निष्पक्षता इस बात से समझी जा सकती है कि वो यह बताने को तैयार नहीं थे कि किन लोगों के और किस आधार पर वोट काटे जा रहे हैं।
हम Supreme Court के आभारी है, जो उन्होंने लोगों की आवाज़ सुनी और चुनाव आयोग को Voter List सार्वजनिक करने को कहा।
सबसे आश्चर्यजनक बात ये है कि सत्ताधारी दल को 65 लाख लोगों के वोट कटने पर कोई आपत्ति नहीं है। इस बात से साफ़ जाहिर है कि इस Exercise का फ़ायदा किसे पहुचाने की कोशिश थी।
राहुल जी ने आँकड़ों के साथ साबित कर दिया कि किस तरह से लोक सभा सीट पर गड़बड़ी कर उसे जीता गया।
अब वैसे ही प्रमाण कई सीटों पर सामने आ रहे है, जहाँ सभी Assembly segment पर काँग्रेस पार्टी को बढ़त मिली परन्तु एक segment पर BJP के बढ़त ने काँग्रेस के उम्मीदवार को हराया।
हमें यहीं आशंका महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव परिणाम को लेकर भी है। पार्टी बारीकी से ऐसे सीटों का अध्ययन कर रही है। समय आनेपर यह लोगों के सामने पेश किया जाएगा।
क्योंकि ये हमारे लिए ही नहीं, दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के सामने सबसे बड़ी चुनौती है।
मैं काँग्रेस पार्टी के देश भर में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपील करता हूँ कि आप अपने बूथ की Voter List निकालिए और उसकी बारीकी से जाँच करिए।
देखिए कि कितने लोगों के नाम काटे गए हैं, या उन्हें मृत बता दिया गया है, या साज़िश के तहत उन्हें दूसरे booth में shift कर दिया गया। कितने बाहरी लोगों के नाम जोड़े जा रहे हैं। या एक ही Voter ID Card को एक से अधिक बार कहाँ–कहाँ जोड़ा गया है।
एक नई बात देखने को आई है कि चुनाव से एक दिन पहले additional list के नाम पर नई Voter List भेज दी जाती है। जिसकी जाँच समय के अभाव में candidate नहीं कर पाता।
यही हमारे विरोधियों की साज़िश है। लेकिन हमें उनकी इस साज़िश का पर्दाफाश करना होगा। कांग्रेस पार्टी ने एक website बनाई है, उसपर आप सारी गड़बड़ियों की जानकारी दे सकते है।
इसके अलावा, पूरे देश से लोग ऐसी जानकारी भेज रहे हैं हम उन्हें भी इकट्ठा कर रहे हैं।
याद रखिए, ये चुनाव जीतने की लड़ाई नहीं है, ये भारतीय लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है। यह हमारे संविधान को सुरक्षित रखने की लड़ाई है।
हम महात्मा गाँधी, पंडित नेहरू, सरदार पटेल, डॉ अंबेडकर, मौलाना आज़ाद, सुभाष चंद्र बोस जैसे नेताओं के सपनों को ऐसे बिखरने नहीं दे सकते। हमें इस लड़ाई को उसी शिद्दत से लड़ना होगा, जिस शिद्दत से हमने आजादी की लड़ाई लड़ी थी।
इसी लड़ाई को लड़ने के लिए, राहुल जी आने वाली 17 तारीख़ से बिहार के सासाराम से “वोट अधिकार यात्रा” शुरू करने जा रहे है। आप सभी को मिलकर इसे सफल बनाना है।
जय हिन्द 🇮🇳
– Mallikarjun Kharge, President of AICC



