RSS के लोगों ने ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में गांधी जी की मदद नहीं की, बल्कि अंग्रेजों की मदद की। हेडगेवार ने संघ के कई कार्यकर्ताओं को आजादी की लड़ाई में शामिल न होने का सुझाव दिया था।
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गोलवलकर ने ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के समय कहा था कि इस समय भी संघ का निरंतर काम चलना चाहिए, आंदोलन के बारे में मत सोचिए।
गांधी जी 2,338 दिन जेल में थे। नेहरू जी 3,259 दिन जेल में रहे। RSS के लोग जेल नहीं गए, लड़ाई नहीं लड़े, आंदोलन में जाने वालों को भी रोक दिए। BJP वाले देश क्या बचाएंगे। वो देश के लिए लड़े भी नहीं। देश बचाने की बात तो छोड़िए उल्टा वे देश को बेचने वाले बन गए हैं।
BJP के नेता समझते हैं कि आजादी 2014 में मिली। RSS के सरसंघचालक मोहन भागवत कहते हैं राम मंदिर मिलने के बाद मिली। ये सभी शहीदों, स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान है।
देश को आजादी हमने दिलाई। मोदी के न्यू इंडिया में 30 जनवरी को गांधी जी को नहीं गोडसे को याद किया जाता है। गांधी जी की शहादत पर जश्न मनाया जाता है।
04 फरवरी 1948 को सरकार पटेल ने एक चिट्ठी में लिखा कि गांधी जी की मृत्यु पर RSS वालों ने जो हर्ष प्रकट किया और मिठाई बांटी, उससे विरोध और भी बढ़ गया है। इन हालातों में सरकार के पास RSS के खिलाफ कदम उठाने का कोई रास्ता नहीं बचा था, इसलिए मैंने RSS को बैन किया।
14 फरवरी 1948 को नेहरू जी ने कहा था कि हमें मिलजुलकर रहते हुए भीषण सांप्रदायिकता के उस विषय का नाश कर देना चाहिए, जिसने हमारे युग के सबसे महान पुरुष को मार डाला। उन ताकतों को जड़ से उखाड़कर फेंक देना चाहिए।
जो लोग गांधीवाद को मिटाने का काम कर रहे हैं, उन्हें बता दूं कि गांधी के विचारों को कोई मिटा नहीं सकता।
– मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस अध्यक्ष और राज्य सभा में नेता




