राहुल गांधी जी को जानने वाले तो भूल जाइए।: Supriya Srinate

1 year ago

जो लोग दो दशकों से राहुल गांधी को सामाजिक जीवन और राजनीति में सिर्फ़ देख रहे हैं, वो भी जानते हैं कि राहुल गांधी का लोगों के साथ क्या आचरण रहता है।

वो कितनी संवेदनशीलता से लोगों से मिलते हैं। खासतौर से बुजुर्गों और महिलाओं के साथ.. तो धक्का देना तो बहुत दूर की बात है।

और एक औरत होने के नाते मैं एक बात गर्व से कह सकती हूं कि राहुल जी जैसा सौम्य और सभ्य व्यवहार कोई भी और महिलाओं के साथ नहीं करता है।

उनके आस पास एक महिला बेहद सुरक्षित, सहज और सम्मानित महसूस करती है।

भारत जोड़ो यात्रा इस बात का एक जीवंत प्रमाण है। सारी यात्रा में उन्मुक्त, आत्मविश्वास से भरी, राहुल जी का हाथ पकड़ कर चलती महिलाओं की तस्वीरें मेरे लिए यात्रा की सबसे खूबसूरत याद हैं।

एक औरत उसी को हाथ पकड़ने देती है जिसके साथ वह सहज महसूस करती है, जिसके ऊपर विश्वास करती है, जिसके पास वो अपने आपको सुरक्षित महसूस करती है।

BJP के एक नेता की फोटो दिखा दीजिए जहां कोई महिला हक से, सम्मान से, बराबरी से हाथ पकड़ना तो दूर की बात है, उनके साथ खड़ी भी हो। एक BJP का नेता दिखाइए जो महिलाओं के लिए इतना सुरक्षित इतना सहज माहौल बनाता हो।

सच तो यह है कि आधे से ज़्यादा BJP वालों को देख कर महिलाएं आशंकित रहती हैं। इनकी पार्टी के एक से एक महानुभाव तो दुष्कर्म के आरोपी और दोषी पाए जाते हैं।

राहुल जी के अंदर जितनी सौम्यता है, उतना ही बड़ा शेर का कलेजा भी है।

BJP बार बार शायद यह भूल जाती है कि राहुल गांधी की रगों में अंग्रेज़ों से लोहा लेने वालों का ख़ून बहता है। उनकी रगों में शहीदों का, बलिदानियों का खून है।

राहुल गांधी पर फर्ज़ी FIR लिख कर अगर BJP को ये लगता है कि हम डर जायेंगे, तो वो गलत हैं। इन लोगों को गलतफहमी है कि अमित शाह बाबासाहेब का अपमान करके झूठ के पीछे छिप कर बच निकलेंगे।

एक नहीं, एक लाख FIR कीजिए, बाबासाहेब के अपमान को हम किसी क़ीमत पर नहीं सहेंगे।

और मुझे नागालैंड की महिला सांसद से सिर्फ़ यह कहना है की आप नार्थ ईस्ट से आती हैं, जो मज़बूत महिलाओं और बुलंद इरादों के लिए जाना जाता है।

मुझे दुख है कि आपने घटिया घिनौनी राजनीति के लिए BJP के हाथों में मोहरा बनना स्वीकारा। काश आप मणिपुर की महिलाओं और बच्चों पर कभी बोली होतीं, लेकिन आपने बाक़ी महिलाओं के बारे में ना सोचकर BJP के लकड़बग्घों के साथ मिलकर गिरी हुई राजनीति की।

धमकाना तो बहुत दूर की बात है, राहुल गांधी एक महिला से तेज़ आवाज़ में बात भी नहीं करते हैं – आपकी मजबूरी पर मुझे तरस आता है।

BJP वालों, इतने साल से लगे हुए हो, कब बाज आओगे? कब समझोगे कि राहुल गांधी के ख़िलाफ़ तुम्हारी साज़िश और तुम्हारा षड्यंत्र – असल में तुम्हारी हताशा, तुम्हारी बौखलाहट और तुम्हारा डर है – और यह बात अब पूरा देश जानता है!

– Supriya Srinate

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