आज संसद के शीतकालीन सत्र के बीच में कांग्रेस कार्य समिति की बैठक हुई, जो अब तक तीन महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर तत्काल चर्चा करने से मोदी सरकार की हठ धर्मिता के कारण विफल रहा है।
- एक व्यापारिक समूह द्वारा भ्रष्टाचार के खुलासे
- मणिुपर में जारी हिंसा और PM मोदी का सभी जिम्मेदारियों से मुंह फेरना
- उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिक तनाव को बढ़ावा देना
कांग्रेस कार्य समिति ने चार विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद ‘भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस’ के सामने आने वाली चुनौतियां पर भी चर्चा की।
- ಮಹಿಳೆಯರಿಗೆ ಶೇ.33ರಷ್ಟು ಮೀಸಲಾತಿ ಮಸೂದೆ ಅಂಗೀಕಾರವಾಗಿದೆ
- ಮಹಿಳಾ ಮೀಸಲಾತಿ ವಿಷಯದಲ್ಲಿ ಮೋದಿ ಸರ್ಕಾರದಿಂದ ಮಹಿಳೆಯರಿಗೆ ದ್ರೋಹ: ಸಿದ್ದರಾಮಯ್ಯ
- ಕಾಂಗ್ರೆಸ್ಗೆ ಮಹಿಳಾ ಮೀಸಲಾತಿ ಬೇಕಿಲ್ಲ ಎಂಬುದು ಸ್ಪಷ್ಟ: ಬಸವರಾಜ ಬೊಮ್ಮಾಯಿ
- ಸಾರ್ವಜನಿಕ ಆರೋಗ್ಯ ವ್ಯವಸ್ಥೆ ಎಷ್ಟು ಹದಗೆಟ್ಟಿದೆ ಎನ್ನುವುದಕ್ಕೆ ಕನ್ನಡಿ: ಆರ್ ಅಶೋಕ್
- ನಮ್ಮ ಪ್ರತಿಭೆಗಳು ದೆಹಲಿಯಲ್ಲಿ ನಿರ್ಣಾಯಕ ಪಾತ್ರ ವಹಿಸುತ್ತಿರುವುದು ಸಂತಸದ ವಿಷಯ: ಕೆ.ಸುಧಾಕರ್
वायनाड उपचुनाव में प्रियंका गांधी जी की जीत ने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया है। कांग्रेस पार्टी झारखंड की जनता को JMM-कांग्रेस सहित अन्य दलों को निर्णायक जनादेश देने के लिए धन्यवाद देती है।
इसके साथ ही कांग्रेस कार्य समिति जम्मू-कश्मीर की जनता को स्पष्ट तरीके से NC-कांग्रेस गठबंधन में विश्वास जताने के लिए धन्यवाद देती है। कांग्रेस पार्टी जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए दबाव बनाना जारी रखेगी।
हरियाणा में पार्टी का प्रदर्शन उम्मीद के विपरीत रहा है। कांग्रेस को राज्य में भारी अंतर से सरकार बनानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
राज्य में चुनावी गड़बड़ियों ने नतीजे को प्रभावित किया है, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। महाराष्ट्र में कांग्रेस और MVA सहयोगियों का प्रदर्शन समझ से परे और चौंकाने वाला भी है। यह स्पष्ट रूप से लक्षित हेरफेर का मामला प्रतीत होता है।
कांग्रेस अध्यक्ष जल्द ही राज्यों की समीक्षा पूरी करेंगे और संगठनात्मक मामलों में आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
CWC सभी से इस मोड़ पर अधिक शक्ति और दृढ़ता जुटाने का आह्वान करती है। हमें निराश होने या घबराने की कोई जरूरत नहीं है। हमें पहले से कहीं अधिक एकता और अनुशासन की आवश्यकता है।
‘भारत जोड़ो यात्रा’, ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ और लोकसभा चुनाव अभियान के दौरान पार्टी ने लोगों के सामने जो मुद्दे रखे, वो लोगों के दैनिक चिंता के मुद्दे हैं, जिन्हें हम और मजबूती से उठाएंगे।
- जातिगत जनगणना
- आरक्षण में 50% की सीमा को हटाना
- राजनीतिक संरक्षण से अर्थव्यवस्था पर बढ़ते नियंत्रण
- महंगाई
- बेरोजगारी
CWC मानता है कि चुनावी प्रक्रिया में गंभीर रूप से समझौता किया गया है। स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव एक संवैधानिक जनादेश है, जिसे चुनाव आयोग की पक्षपात पूर्ण कार्यप्रणाली द्वारा गंभीर सवालों के घेरे में लाया जा रहा है।
कांग्रेस इन जन चिंताओं को राष्ट्रीय आंदोलन के रूप में उठाएगी।
- Pawan Khera, AICC मीडिया एवं प्रचार विभाग के चेयरमैन




