यह नाक़ाबिले माफ़ी अपराध है। मुख्यमंत्री इस्तीफ़ा दें व HSSC बर्खास्त हो।: Ranadeep Surjewala

2 years ago

आज के सुप्रीम कोर्ट के द्वारा “सोशियोइकोनॉमिक 5 नंबर” ख़ारिज करने का नतीजा देखें -:

(I) हरियाणा की भाजपा सरकार व उसके ‘‘हेराफेरी साँठगाँठ सर्विस कमीशन’’ – HSSC के रोज बदलते ‘‘तुगलकी फरमान’’ व ‘‘भाजपा की मनमर्जी की दुकान’’ ने हरियाणा के 20 लाख से अधिक नौजवानों की जिंदगी को बर्बादी की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। 

(II) आईये भर्तीवार देखेंः-

1ग्रुप डी भर्ती – इसमें कुल पद 13,657 हैं। कुल 13,50,000 अभ्यर्थी हैं। इसके लिए CET Exam की मैरिट के आधार पर चयन किया गया, जिसमें सोशो-इकोनॉमिक आधार के पाँच अंक भी जोड़े गए। करीब 11,000 युवाओं ने नौकरी ज्वाईन कर ली और 2,657 युवाओं द्वारा अभी ज्वाईनिंग रिपोर्ट देना बाकी है। 

क्योंकि ग्रुप डी की भर्ती में सोशो-इकोनॉमिक आधार के 5 नंबर शामिल हैं, तो अब इन सब बच्चों की नौकरियों पर बर्ख़ास्तगी की तलवार लटक गई है।

सोशो-इकोनॉमिक आधार के 5 नंबरों के बगैर नया रिज़ल्ट बनाना होगा और न जाने कितने युवाओं का भविष्य अंधकार में मिल जाएगा। 

2ग्रुप सी, सबग्रुप नंबर 1 व 2 – इन ग्रुपों में टेक्निकल पोस्ट JE, ड्राफ्ट्समैन आदि शामिल हैं।

लगभग 10,000 से अधिक युवाओं ने 2000 पदों के लिए पेपर दिया था। इसमें CET Exam प्रिलिमिनरी क्वालिफ़ाइंग एग्जाम था, जिसका रिज़ल्ट सोशो-इकोनॉमिक के पाँच नंबरों के आधार पर बनाया गया। क्वालिफाइड बच्चों का फिर एक और एग्जाम लिया।

स्वाभाविक तौर से इन बच्चों की नौकरियों पर भी अब बर्खास्तगी की तलवार लटक गई है। 

3.ग्रुप 56 व 57 : इसमें कुल पद 12,000 थे। ग्रुप नंबर 56 में योग्यता ग्रेजुएशन व ग्रुप नंबर 57 में योग्यता 12वीं पास थी। इन ग्रुप्स का एग्जाम सोशो-इकोनॉमिक के 5 नंबर जोड़कर निकाला गया है। 

स्वाभाविक तौर से अब यह परीक्षा रद्द की जाएगी और लाखों युवाओं का भविष्य एक बार फिर अधर में लटक जाएगा। 

     4.  टीजीटी अध्यापक : इसमें 7,441 पद हैं। टीजीटी अध्यापक का मामला कोर्ट में पेंडिंग होने की वजह से HSSC ने दो तरह का रिजल्ट निकाला है – एक सोशो-इकोनॉमिक के 5 नंबर जोड़कर और एक उसके बगैर।

अब सोशो-इकोनॉमिक के 5 नंबर कोर्ट द्वारा ख़ारिज कर दिए गए हैं। पर भाजपा सरकार के मुताबिक़ वह इस मामले को सुप्रीम कोर्ट लेकर जाएगी। नतीजा साफ़ है कि यह रिजल्ट अब अधर में लटका रहेगा और बच्चों को नौकरियाँ नहीं मिल पाएंगी।

साढ़े तीन साल से इसी जंजाल में भाजपा व इससे पहले की भाजपा-जजपा सरकार ने हरियाणा के युवाओं के भविष्य को उलझाकर रखा है। ग्रुप डी में 13,50,000 अभ्यर्थी हैं तो ग्रुप सी में 11,00,000 अभ्यर्थी हैं, यानी कुल संख्या 20 लाख से अधिक युवाओं की है।

इसके अलावा लाखों बच्चे 12वीं व ग्रेजुएशन पास कर CET Exam में बैठने का इंतज़ार कर रहे हैं, ताकि ग्रुप सी व ग्रुप डी की नौकरियाँ पा सकें।

सच्चाई यह है कि भाजपा सरकार व उसके ‘HSSC – हेरा फेरी साँठ-गाँठ सर्विस कमीशन’ ने हरियाणा के युवाओं के भविष्य की भ्रूण हत्या कर दी।

यह नाक़ाबिले माफ़ी अपराध है। मुख्यमंत्री इस्तीफ़ा दें व HSSC बर्खास्त हो।

– Ranadeep Surjewala

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